|
TALK with NIGHT without MOON
दूर मीलों तक आसमा फैला है, इन में लगा हुआ सितारों का मेला है, आसमा में अनगिनत सितारे है, आँखों में चमकते ख्वाब सारे है, बीना चाँद के आसमा सुमसां है, कुछ सितारे भी खोए से गुमनाम है चाँद को भी अपने चाँदनी पे नाज़ होता है, शायद ये उसके प्यार का अंदाज़ होता है, बादलों की भी अपनी दास्तान होती है, बरस के रोने की उनकी ज़ुबान होती है, बादल को आज चाँद की तलाश है, आज फिर रूबरू होने की आश है, खुशनसीब है वो बादल जो चाँद को चूमते है, खुशी के मारे इधर उधर झूमते है,घूमते है, अब्ब होनेवाली है सुबह की तैयारी आनेवाली है सूरज की सवारी
|
|